Tuesday, May 21, 2013

aaj ka saks kamaal karta hai.....

  
  Aaj mai ek varistha kavi ki kavita aapke 

  shree charno main rakh raha hun,  

  jo ek mahaan adersho ko jeeta hai,
  lekin khud ko sadharan najron se dekh kar,
  chhota kavi bhi nahi samajhta,
  jo mere liye pujniya hain...




    आज का शख्स कमाल करता है,

     मौका लगते ही हलाल करता है।
 
    घर में मां को तो पूछता नही,
 
    वैष्णो मां के दर्शन हर साल करता है।
 
    बोस के सामने तो बोलता नही,
 
    अपनी बीवी पे आँखें लाल करता है।
 

    क्यों पैदा किया मैंने नही कहा था,
 
    बच्चा बाप से ये सवाल करता है।
 
    आज का नेता खो चूका इमां अपना,
 
    सदन में सोता या धमाल करता है।
 
    "रैना"उसके पास आ जा चैन मिलेगा,
 
    इक वो ही सब की सम्भाल करता है
 

                                                     ......... rajinder sharma

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