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| तस्वीर: गूगल की सहायता से। |
जब विलुप्त हो रहे माननीय, आपके घर रोज पधारें
अचानक आपके ऊपर पुष्पक विमान से पुष्पवर्षा होने लगे
कोई झोंक अपना तन, मन, धन करे आपका अभिनन्दन,
तो अत्यधिक प्रसन्नं न हों भगवन, ये चुनाव आने के हैं लक्षण ।
इस चुनाव के आने के पर मैंने अपनी दूर दृष्टि जमाई,
दिमाग के मटके में मथनी घुमाई, तो ये निकला मलाई
कुछ दंगे होने वाले हैं
कुछ लफड़े होने वाले हैं
कुछ दो कौड़ी के नेता अब
तगड़े वाले हैं। ..... चुनाव आने वाले हैं।
कुछ को मुकुट दिखाएंगे
कुछ तो टोपी पहनाएंगे
खूब झमाझम बारिश होगी
नंगे सभी नहाएंगे। ..... चुनाव आने वाले हैं।
कभी रोटी पर बात चलेगी
कभी बोटी पर चर्चा होगा
सारे मुद्दे उठ जायेंगे
भिखमंगों पर भी खर्चा होगा ..... चुनाव आने वाले हैं।
दर्द की अब छुट्टी होगी
वादों की अब घुट्टी होगी
इधर उधर जो बिखर गए थे
बंद वो सारी मुट्ठी होगी ..... चुनाव आने वाले हैं।
शर्म का पिंजरा टूटेगा
एक सभ्य खजाना लूटेगा
किसी का किस्मत चमकेगा
किसी का भंडा फूटेगा..... चुनाव आने वाले हैं।
कुछ जाने माने चेहरे
गुमनाम भी होने वाले हैं
कुछ शोहरत वाले लोग यहाँ
बदनाम भी होने वाले हैं ..... चुनाव आने वाले हैं।
___ कुमार अभय
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