Thursday, October 24, 2019

शहर मांगे मंगल चाचा

 
बोकारो मांगे मंगल चाचा... बोकारो मांगे बंटू लाल...
यह वाला गगनभेदी नारों से सोशल मीडिया वालों ने आसमान छेद दिया है। फेसबुक व्हाट्सएप टि्वटर जिधर नजर दौड़ा लीजिए उधर ही मंगल चाचा और बंटू लाल के समर्थक आपस में भिड़े हुए हैं। दोनों का कहना है बोकारो समझदार लोगों की नगरी है और वह समझदारी से सिर्फ उन्हीं को चुनेंगे और जो नहीं चुनेंगे वह निहायती नासमझ और समाज विरोधी ही होंगे। उनका समाज के विकास से कोई सरोकार नहीं है और ऐसे असामाजिक लोगों को घसीट कर समाज से ही नहीं बल्कि देश से भी बाहर फेंक देना चाहिए।
अखिर मै समझ नही पाता हूँ की यह मांग जायज है या नाजायज? यह सोचकर दिमाग का डाल्टनगंज होने के बाद सन्न हो गया है की यह शहर मांग किससे रहा है? क्योंकि बोकारो तो स्वयं महान है और अगर बोकारो मांग रहा है तो देने वाला सोचिए कितना महान होगा?? मेरे हिसाब से तथ्य विचारणीय है आपको एक~आध बार सोचना चाहिए। किसी ने कहा है कि दो बड़े लोगों की बात हो रही हो तो छोटों को नहीं बोलना चाहिए। इसीलिए तो आप कुछ बोलिए मत क्योंकि कहाँ आप ठहरे आम आदमी और कहां बंटू लाल करोड़पति और कहां मंगल चाचा जैसे नामी ग्रामी लोग। आप जरा बुद्धि लगा कर सोचिए की जिसे महान बोकारो मांग रहा है उन्हें आप कुछ देने की हैसियत रखते हैं क्या? आम आदमी हैं ज्यादा फड़फड़ाइए मत उन्हें देने के चक्कर में उनके इर्द-गिर्द भी फटके और गलती से उनके अंग रक्षकों के हत्थे चढ़ गए तो आपका आम आदमी होने के गुमान के साथ सारी हेकड़ी ठंडा हो जाएगा, आम आदमी का भूत सर से हवा हो जाएगा।
एक वह दिन हुआ करता था जब आदमी थका मांदा ऑफिस से आ कर फेसबुक टि्वटर जैसे तीर्थस्थलों में होकर दो पल का सुकून पाता था, कार्यालय का दुख विसारता था लेकिन भैया इन पवित्र स्थानों पर जब से मंगल चाचा और बंटू लाल के समर्थक आने लगे हैं वातावरण बिगाड़ दिया है, चारों तरफ अशांति का माहौल व्याप्त है। अब कोई ढंग का नेता मिले तो उनसे कहूं इस विपदा से छुटकारा दिलाने के लिए कोई अनशन ही कर दे इससे उनका भी भला हो जाएगा चुनाव वाले दिन है।
मेरा अपना मानना है की आज कल दिन बहुत बुरे आ गए हैं हमारे समय में प्रत्याशी चुनाव के समय खुले हाथों से दिया करते थे लेकिन आज हाथ नहीं फैलाते बल्कि उनकी योग्यता, ईमानदारी और कर्मठता देख शहर ही उनको मांग लेता है।

मैं तलाश कर रहा हूं बोकारो को अगर मिल जाएगा तो उस से ही पूछ लूंगा कि बोकारो क्या माँग रहे हो तुम? बोकारो तुम चाहते क्या हो?

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