Tuesday, September 24, 2013

Ro-ro ke naa apne jaan gaye hote ...

Koi nahi apna iss Amiron ki Basti main,
kaash Maa ki Baat maan gaye hote !
Kaash pehle hi tujhe jaan gaye hote,
to sayad,
Ro-ro ke naa apne jaan gaye hote ...

wo bekhabar se rehte hai...

Chupakar chhand sa chehra wo bekhabar se rehte hai ,
hum hai banzare jo hamesa Safar main rehte hai ,
ye dil to pagal hai jo tumpe hi hai thehra ,
Hogi koi mazboori jo Wo patthar sa dil kiye, 
sishe ke Mahal me rehte hai...

                                                 ...nishabd abhay

Dr. Kunwar Baichain

dr. kunwar baichain
उँगलियाँ थाम के खुद चलना सिखाया था जिसे
राह में छोड़ गया राह पे लाया था जिसे

उसने पोंछे ही नहीं अश्क मेरी आँखों से
मैंने खुद रोके बहुत देर हँसाया था जिसे

बस उसी दिन से खफा है वो मेरा इक चेहरा
धूप में आइना इक रोज दिखाया था जिसे

छू के होंठों को मेरे वो भी कहीं दूर गई
इक गजल शौक से मैंने कभी गाया था जिसे

दे गया घाव वो ऐसे कि जो भरते ही नहीं
अपने सीने से कभी मैंने लगाया था जिसे

होश आया तो हुआ यह कि मेरा इक दुश्मन
याद फिर आने लगा मैंने भुलाया था जिसे

वो बड़ा क्या हुआ सर पर ही चढ़ा जाता है
मैंने काँधे पे `कुँअर' हँस के बिठाया था जिसे

अक्कड़ बक्कड़ बंबे बो अस्सी नब्बे पूरे सौ...

अक्कड़ बक्कड़ बंबे बो अस्सी नब्बे पूरे सौ... एक जादूगर जादू करता था, तितली को कबूतर, कबूतर को बाज़ और बाज़ को मोर बना देता था। ...